नहीं सुना होगा ऐसा बुँदेली लोकगीत | Bundeli Lokgeet | Folk Song | Sudama Prasad | Gaon Connection
इस लोकगीत में यह बताया गया है कि ग्रामीण इलाकों का भोजन कैसा होता है और उसे किस तरह तैयार किया जाता है। सर्दियों के मौसम में महिलाएँ खेतों से चना और मटर के कोमल पत्ते तोड़कर लाती हैं और उनमें हींग डालकर तड़का लगाकर स्वादिष्ट साग बनाती हैं। यह चने का साग और महरी गांवों में बड़े चाव से खाया जाता है।यह लोकगीत ग्रामीण भोजन की सादगी और उसे बनाने की सहज प्रक्रिया का वर्णन करता है। सर्दियों के दौरान महिलाएँ खेतों से चना और मटर की कोमल शाखाएँ तोड़कर लाती हैं, फिर उन्हें हींग के तड़के के साथ पकाकर स्वादिष्ट साग बनाती हैं। यह साग गांवों में बहुत प्रिय और लोकप्रिय है।
