बहन की फ़ीस दे सकने में असमर्थ भाई ने की आत्महत्या 

Update: 2017-04-02 21:33 GMT
बहन की फ़ीस दे सकने में असमर्थ भाई ने की आत्महत्या

लखीमपुर खीरी। सरकारें लड़कियों को पढ़ाने और बढ़ाने पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है पर एक युवा किसान भाई ने कर्ज और बहन की पढ़ाई की फीस न दे पाने के चलते अपनी जान दे दी है।

लखीमपुर खीरी जिले के मैगलगंज के नयागांव के रहने वाले प्रभजोत अब अपनी बहन माँ और परिवार को छोड़कर चला गया। प्रभजोत ने अपनी बहन की बीएएमएस की फीस नहीं दे पा रहा थे। बहन रंजीत बुलन्दशहर जिले के खुर्जा में एक आयुर्वेदिक कॉलेज में डॉक्टरी पढ़ रही थी।

प्रभजोत के पास बस डेढ़ एकड़ खेत था। इसके अलावा कुछ खेत बटाई और ठेके पर लेकर खेती करता था। प्रभजोत के पिता ने पहले से ही जमीन पर औकात से ज्यादा कर्ज ले रखा था। करीब पांच लाख का कर्ज परिवार पर था। कर्ज में दबे पिता भी साल भर पहले बीमारी से मर गए। अब युवा प्रभजोत पर बहन रंजीत की फीस,घर का बोझ और कर्ज के दबाव भारी पड़ने लगी थी। ज़िन्दगी की जंग लड़ता देश का वो किसान परिवार जो फसल पर कर्ज लेता है पर फसल कभी पूरे रेट में बिकती नहीं। कर्ज भारी होता गया।

बहन के कॉलेज से निकाले जाने की नोटिस से परेशान था युवक

वैद्य यज्ञ दत्त शर्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय से ढाई लाख की फीस न जमा करने पर कॉलेज से निकाल देने की नोटिस से परेशान प्रभजोत को यह डर लगने लगा था कि उसकी बहन का डॉक्टर बनने का सपना टूट जायेगा। एक तरफ बैंको का कर्ज एक तरफ बहन की फीस की चिंता प्रभजोत के कंधे कर्ज के बोझ को संभाल नहीं पाए। बहन रंजीत आंसू पोंछते हुए कहती है,'भाई ने कहा सब लोग जहर खा लो। मर जाओ अब कोई चारा नहीं है।' तीन दिन पहले प्रभजोत ने जहर खा लिया। मेडिकल कालेज में जिंदगी मौत से लड़ता रहा पर आज जिंदगी की जंग हार गया। अब परिवार बेहाल है।

बहन को डॉक्टर बनाने के सपने के साथ भारी कर्ज के चलते भाई की इस आत्महत्या ने सबको हिला दिया है। सवाल ये उठता है देश में किसान और आम आदमी कर्ज के बोझ तले दबकर कब तक अपने अरमानों का सपना घोंटता रहेगा। क्या सरकार परिवार की मदद करेगी बहन रंजीत क्या अब डॉक्टर बन पाएगी ये बड़े सवाल अब नयागांव की फिजा में फैली इन मातमी चीखों से उठ रहे। खबर मिलने पर कस्ता के पूर्व सपा विधायक सुनील भार्गव और सपा नेता क्रांति कुमार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। सरकारी अफसर अब जांच की बात कह रहे।

एसडीएम मितौली संजय सिंह कहते हैं मामले की जांच कराई जा रही। प्रभजोत किसान था उसपर कर्ज था ये भी सही है,पर आत्महत्या क्यों की इसकी जांच तहसीलदार से कराई जा रही। परिवार के प्रति सहानुभूति है,विधि सम्मत मदद की जाएगी।

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