Agri Business में किसान सबसे ज़्यादा कहाँ फँसते हैं, क्या हैं वो सात कारण?
Agri Business में किसान सबसे ज़्यादा कहाँ फँसते हैं, क्या हैं वो सात कारण?

By

कृषि में सफलता पाने के लिए सही योजना और तैयारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कई किसान सब्सिडी को तुरंत मिलने वाले पैसे समझते हैं, जो कि गलत है। इसके अलावा, उपयुक्त खरीदारों की पहचान करना भी आवश्यक है ताकि वित्तीय घाटे से बचा जा सके। पहले वर्ष के लिए आवश्यक खर्च का सही आकलन करना और बैंक से संपर्क साधना सफलता की ओर पहला कदम है।

कृषि में सफलता पाने के लिए सही योजना और तैयारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कई किसान सब्सिडी को तुरंत मिलने वाले पैसे समझते हैं, जो कि गलत है। इसके अलावा, उपयुक्त खरीदारों की पहचान करना भी आवश्यक है ताकि वित्तीय घाटे से बचा जा सके। पहले वर्ष के लिए आवश्यक खर्च का सही आकलन करना और बैंक से संपर्क साधना सफलता की ओर पहला कदम है।

चिंता : पक्ष और विपक्ष की बेलगाम भाषा, कैसे लगे लगाम ?
चिंता : पक्ष और विपक्ष की बेलगाम भाषा, कैसे लगे लगाम ?

By Dr SB Misra

भारतीय संसद में आजकल सांसदों के आचरण और बयानों में गिरावट साफ देखी जा रही है। विपक्ष सत्ता पक्ष की तीव्र आलोचना कर रहा है, लेकिन यह सब संसदीय चर्चा को प्रभावित कर रहा है। नेताओं के बीच असहमति और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को खतरा है। संसद में सभी सांसदों को अपनी जिम्मेदारी का ध्यान रखते हुए जनता का भला करना चाहिए।

भारतीय संसद में आजकल सांसदों के आचरण और बयानों में गिरावट साफ देखी जा रही है। विपक्ष सत्ता पक्ष की तीव्र आलोचना कर रहा है, लेकिन यह सब संसदीय चर्चा को प्रभावित कर रहा है। नेताओं के बीच असहमति और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को खतरा है। संसद में सभी सांसदों को अपनी जिम्मेदारी का ध्यान रखते हुए जनता का भला करना चाहिए।

वंदे मातरम : आजादी के समय सबसे प्रेरक रहे गीत का विरोध अनुचित और अनैतिक
वंदे मातरम : आजादी के समय सबसे प्रेरक रहे गीत का विरोध अनुचित और अनैतिक

By Dr SB Misra

वंदे मातरम गीत को राष्ट्रगान क्यों नहीं बनाया गया? यदि थोड़े से अल्पसंख्यकों की आपत्ति के कारण इसे राष्ट्रगान नहीं बनाया गया, तो यह प्रजातंत्र का घोर अपमान था। यदि बंटवारे के बादभी आधे-अधूरे गीतको राष्ट्रगीत माना गया, तो और भी दु:खद रहा था। यहगीत आजादी में सबसे बड़ा प्रेरक था और कुछ चंद लोगों की आपत्ति के कारण कई पद्यांशहटा देना, वो भी बिना रचयिता की अनुमति के, यह अपराध कहा जाएगा।

वंदे मातरम गीत को राष्ट्रगान क्यों नहीं बनाया गया? यदि थोड़े से अल्पसंख्यकों की आपत्ति के कारण इसे राष्ट्रगान नहीं बनाया गया, तो यह प्रजातंत्र का घोर अपमान था। यदि बंटवारे के बादभी आधे-अधूरे गीतको राष्ट्रगीत माना गया, तो और भी दु:खद रहा था। यहगीत आजादी में सबसे बड़ा प्रेरक था और कुछ चंद लोगों की आपत्ति के कारण कई पद्यांशहटा देना, वो भी बिना रचयिता की अनुमति के, यह अपराध कहा जाएगा।

कभी आसमान में बड़ी संख्या में दिखते थे गिद्ध, अब घटती आबादी के बीच उन्हें बचाने के लिए क्यों बनाए जा रहे हैं ‘रेस्टोरेंट’?
कभी आसमान में बड़ी संख्या में दिखते थे गिद्ध, अब घटती आबादी के बीच उन्हें बचाने के लिए क्यों बनाए जा रहे हैं ‘रेस्टोरेंट’?

By Mansi

भारत में गिद्धों की संख्या तेजी से घट रही है, ये पक्षी प्रकृति के सफाईकर्मियों के रूप में कार्य करते हैं। ज़हरीली दवाओं, जैसे डाइक्लोफ़ेनाक, ने उनकी अस्तित्व को गंभीर खतरे में डाल दिया है। गिद्धों के संरक्षण के लिए कैप्टिव ब्रीडिंग और सुरक्षित भोजन क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की हालिया रिपोर्ट ने इनकी नेस्टिंग साइट्स की स्थिति का उचित मूल्यांकन किया है।

भारत में गिद्धों की संख्या तेजी से घट रही है, ये पक्षी प्रकृति के सफाईकर्मियों के रूप में कार्य करते हैं। ज़हरीली दवाओं, जैसे डाइक्लोफ़ेनाक, ने उनकी अस्तित्व को गंभीर खतरे में डाल दिया है। गिद्धों के संरक्षण के लिए कैप्टिव ब्रीडिंग और सुरक्षित भोजन क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की हालिया रिपोर्ट ने इनकी नेस्टिंग साइट्स की स्थिति का उचित मूल्यांकन किया है।

WMO Alert: अल नीनो हुआ बेहद ताक़तवर, 2026 के अंत में चरम पर पहुँचने का अनुमान; बारिश, सूखे और गर्मी का बढ़ेगा ख़तरा
WMO Alert: अल नीनो हुआ बेहद ताक़तवर, 2026 के अंत में चरम पर पहुँचने का अनुमान; बारिश, सूखे और गर्मी का बढ़ेगा ख़तरा

By Mansi

प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे अल नीनो स्थिति का निर्माण हो चुका है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने बताया है कि यह प्रभाव 2026 के अंत तक अत्यंत शक्तिशाली हो सकता है। अल नीनो के चलते भारत में वर्षा के पैटर्न में बदलाव आएगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में सूखा और बाढ़ जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे अल नीनो स्थिति का निर्माण हो चुका है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने बताया है कि यह प्रभाव 2026 के अंत तक अत्यंत शक्तिशाली हो सकता है। अल नीनो के चलते भारत में वर्षा के पैटर्न में बदलाव आएगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में सूखा और बाढ़ जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

Bihar Student Credit Card: 12वीं के बाद पढ़ाई के लिए कैसे मिलेगा ₹4 लाख तक का लोन, जानें पात्रता, कोर्स और आवेदन का तरीका
Bihar Student Credit Card: 12वीं के बाद पढ़ाई के लिए कैसे मिलेगा ₹4 लाख तक का लोन, जानें पात्रता, कोर्स और आवेदन का तरीका

By Mansi

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2030-31 तक छात्रों को आर्थिक सहायता देने के लिए जारी रहेगी। इस पहल के तहत, विद्यार्थी ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण ले सकेंगे, जो उनकी उच्च शिक्षा प्राप्ति में सहायक होगा। इसमें से ₹2 लाख का ऋण राज्य निगम से और बाकी बैंकों से उपलब्ध होगा। यह योजना युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2030-31 तक छात्रों को आर्थिक सहायता देने के लिए जारी रहेगी। इस पहल के तहत, विद्यार्थी ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण ले सकेंगे, जो उनकी उच्च शिक्षा प्राप्ति में सहायक होगा। इसमें से ₹2 लाख का ऋण राज्य निगम से और बाकी बैंकों से उपलब्ध होगा। यह योजना युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

अब अंतरिक्ष से दिखेगा खेत-खलिहान का हाल, ISRO का EOS-05 लॉन्च, जानिए क्यों है ख़ास
अब अंतरिक्ष से दिखेगा खेत-खलिहान का हाल, ISRO का EOS-05 लॉन्च, जानिए क्यों है ख़ास

By Mansi

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने ईओएस-05 सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण किया है, जो भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग सैटेलाइट है। यह सैटेलाइट विशेष रूप से कृषि और आपदा प्रबंधन के लिए जरूरी जानकारियां जुटाएगा। ईओएस-03 मिशन की असफलता के बाद यह सफलता भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो हमारी धरती निगरानी की क्षमता को और अधिक बढ़ाएगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने ईओएस-05 सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण किया है, जो भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग सैटेलाइट है। यह सैटेलाइट विशेष रूप से कृषि और आपदा प्रबंधन के लिए जरूरी जानकारियां जुटाएगा। ईओएस-03 मिशन की असफलता के बाद यह सफलता भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो हमारी धरती निगरानी की क्षमता को और अधिक बढ़ाएगा।

MP के किसानों को मिली सौगात: घर बैठे किसान क्रेडिट कार्ड, 12 महीने में कर्ज़ चुकाने की सुविधा, दिन में 10 घंटे बिजली; ‘दूध की राजधानी’ बनाने का लक्ष्य
MP के किसानों को मिली सौगात: घर बैठे किसान क्रेडिट कार्ड, 12 महीने में कर्ज़ चुकाने की सुविधा, दिन में 10 घंटे बिजली; ‘दूध की राजधानी’ बनाने का लक्ष्य

By Mansi

मध्य प्रदेश की सरकार ने किसानों के लिए एक विशेष ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल की शुरुआत की है। जिन किसानों को कृषक कवच योजना से लाभ नहीं मिला, उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अगले ढाई साल में सिंचाई के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन लाने का लक्ष्य है, जहां 100 लाख हेक्टेयर तक रकबा बढ़ाया जाएगा।

मध्य प्रदेश की सरकार ने किसानों के लिए एक विशेष ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल की शुरुआत की है। जिन किसानों को कृषक कवच योजना से लाभ नहीं मिला, उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अगले ढाई साल में सिंचाई के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन लाने का लक्ष्य है, जहां 100 लाख हेक्टेयर तक रकबा बढ़ाया जाएगा।

खेती में AI का बढ़ता इस्तेमाल, लेकिन किसान की कमाई कितनी बढ़ेगी? जानिए क्यों ज़रूरी है किसान-केंद्रित तकनीक
खेती में AI का बढ़ता इस्तेमाल, लेकिन किसान की कमाई कितनी बढ़ेगी? जानिए क्यों ज़रूरी है किसान-केंद्रित तकनीक

By Mansi

कृषि में एआई तकनीक ने किसानों को सही फैसले लेने में सहारा दिया है। यह तकनीक मौसम, भूमि और कीटों की जानकारी प्रदान करते हुए उत्पादकता को बढ़ा सकती है। भारत सरकार 'भारत-विस्तार' जैसे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से किसानों को डिजिटल प्लेटफार्मों की सहायता कर रही है। हालाँकि, यह सवाल उठता है कि किसानों के डेटा का संरक्षण और आर्थिक लाभ किसे मिलेगा।

कृषि में एआई तकनीक ने किसानों को सही फैसले लेने में सहारा दिया है। यह तकनीक मौसम, भूमि और कीटों की जानकारी प्रदान करते हुए उत्पादकता को बढ़ा सकती है। भारत सरकार 'भारत-विस्तार' जैसे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से किसानों को डिजिटल प्लेटफार्मों की सहायता कर रही है। हालाँकि, यह सवाल उठता है कि किसानों के डेटा का संरक्षण और आर्थिक लाभ किसे मिलेगा।

यूपी की 82 लाख महिला किसानों ने बदली खेती की तस्वीर, SHG से मिल रहा कमाई और आत्मनिर्भरता का रास्ता
यूपी की 82 लाख महिला किसानों ने बदली खेती की तस्वीर, SHG से मिल रहा कमाई और आत्मनिर्भरता का रास्ता

By Mansi

उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं। ये समूह महिलाओं को खेती और छोटे व्यवसायों से जोड़कर आय के अवसर प्रदान करते हैं। महिलाएँ अब केवल बचत और ऋण तक सीमित न रहकर उद्यमिता की ओर बढ़ रही हैं। प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से उनके छोटे कारोबार बड़े उद्यमों में बदल सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं। ये समूह महिलाओं को खेती और छोटे व्यवसायों से जोड़कर आय के अवसर प्रदान करते हैं। महिलाएँ अब केवल बचत और ऋण तक सीमित न रहकर उद्यमिता की ओर बढ़ रही हैं। प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से उनके छोटे कारोबार बड़े उद्यमों में बदल सकते हैं।